कथन का 64वाँ अंक उपलब्ध है।
संपादकीय यह कैसा नवलेखन और कैसा जन-आन्दोलन ? पर अवश्य गौर करें।
हमारी विरासत के अंतर्गत – शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय का लेख : स्वराज साधना में नारी।
राजेश जोशी द्वारा चयनित एवं टिप्पणी के साथ – लीलाधर मंडलोई की कविताएं।
स्मृति:हबीब तनवीर के अंतर्गत: संतोष चौबे की कहानी – महान कलाकार।
विजेन्द्र की कविताएं। अफगानी कवियत्री नादिया अंजुमन की कविताएं – यादवेन्द्र द्वारा अनुदित- परिचय के साथ। साहित्य और सामाजिक आन्दोलन पर रमेश उपाध्याय का महत्वपूर्ण आलेख। साहित्यिक आन्दोलन के भविष्य पर शंभुनाथ का आलेख। हिन्दी सिनेमा और सामाजिक आन्दोलन पर जवरीमल्ल पारख का आलेख।
इस अंक की कीमत पच्चीस रुपये है।
Sunday, November 08, 2009
कथन का साहित्य और सामाजिक आन्दोलन पर विशेष सामग्री
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